बॉर्डर 2 – सनी देओल का रौब,वरुण का जोश क्या है फिल्म का रिव्यू..?
साल 1997 में आई जे.पी. दत्ता की सुपरहिट फ़िल्म बॉर्डर भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार देशभक्ति फ़िल्मों में गिनी जाती है। अब लगभग तीन दशक बाद बॉर्डर 2 के साथ वही भावना और जज़्बा एक नए रूप में दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया गया है । इस फ़िल्म में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नज़र आते हैं। रिलीज़ के साथ ही फ़िल्म ने दर्शकों और समीक्षकों के बीच काफ़ी सुर्खियां बटोरी है।
बॉर्डर 2 एक युद्ध-आधारित देशभक्ति फ़िल्म है, जो भारतीय सैनिकों के साहस, बलिदान और देश के प्रति उनके अटूट समर्पण को दिखाती है। कहानी में आधुनिक युद्ध की चुनौतियों को दिखाने की कोशिश की गई है, साथ ही भावनात्मक पहलू को भी मजबूती से पेश किया गया है। फ़िल्म में युद्ध के दृश्य भव्य और प्रभावशाली हैं, जो बड़े पर्दे पर देखने पर गहरी छाप छोड़ते हैं।
अभिनय की बात करें तो सनी देओल एक बार फिर अपने दमदार अंदाज़ में नज़र आते हैं। उनके संवाद और स्क्रीन प्रेज़ेंस दर्शकों में जोश भर देते हैं। वरुण धवन ने अपने किरदार में गंभीरता और भावनात्मक गहराई दिखाई है, जो उनके अब तक के अभिनय से थोड़ा अलग है। दिलजीत दोसांझ ने अपने सहज अभिनय और भावुक दृश्यों से दर्शकों का दिल जीत लिया है, वहीं अहान शेट्टी ने भी एक युवा सैनिक की भूमिका में अच्छा प्रयास किया है जो काफी सराहनीय है।
फ़िल्म का संगीत देशभक्ति की भावना से ओत प्रोत है। बैकग्राउंड स्कोर युद्ध के दृश्यों को और प्रभावशाली बनाता है, जबकि कुछ गीत भावनात्मक जुड़ाव पैदा करते हैं। सिनेमैटोग्राफी और तकनीकी पक्ष मज़बूत हैं, जिससे फ़िल्म एक भव्य अनुभव देती है।
हालाँकि, कुछ दर्शकों और समीक्षकों का मानना है कि बॉर्डर 2 कई जगहों पर पुरानी फ़िल्म बॉर्डर की याद दिलाती है और कहानी में नयापन थोड़ा कम महसूस होता है। कुछ दृश्यों को लंबा खींचा गया है, जिससे फ़िल्म की गति धीमी पड़ती है। इसके बावजूद, देशभक्ति और भावनाओं से जुड़ा दर्शक वर्ग फ़िल्म से आसानी से जुड़ जाता है।
बॉक्स ऑफिस पर बॉर्डर 2 ने अच्छी शुरुआत की है और पहले दिन से ही इसके कलेक्शन मज़बूत बताए जा रहे हैं। उत्तर भारत के कई हिस्सों में फ़िल्म को खासा पसंद किया गया है, जहाँ देशभक्ति फ़िल्मों का प्रभाव अधिक देखा जाता है।
कुल मिलाकर, बॉर्डर 2 एक भावनात्मक और देशभक्ति से भरपूर फ़िल्म है, जो सैनिकों के बलिदान को सम्मान देती है। अगर आपको देशभक्ति, युद्ध पर आधारित कहानियाँ और दमदार संवाद पसंद हैं, तो यह फ़िल्म एक बार ज़रूर देखी जा सकती है।देख कर आप लोग बताए ये फिल्म कैसी लगी आपको

